Naturist lifestyle
Haughty John — Naturist Stories & Artistic Photography "इतना प्यासा है तू, कि मेरी एक बूंद के लिए तड़प रही है?" मालिक ने अपनी कमर के सहारे टिकते हुए यह सवाल किया, उसकी आवाज़ में एक अजीब सा अधिकार था। रिया घुटनों के बल बैठी थी, उसकी सांसें तेज़ थीं और उसकी नज़रों में एक ऐसी भूख थी जिसे वह खुद भी नहीं समझ पा रही थी। वह सिर्फ एक नौकरानी नहीं थी, वह इस घर की उस खामोश आग का हिस्सा थी जो अब धधकने वाली थी। "तड़प रही हूँ, मालिक..." रिया ने फुसफुसाया, उसकी आवाज़ में एक कंपन था। उसने ऊपर देखा, उसकी पुतलियाँ फैली हुई थीं। मालिक ने बिना किसी चेतावनी के अपना हाथ उसके बालों में फँसाया और उसे धीरे से अपनी ओर खींचा। "तो फिर पी ले इसे, जैसे तूने सपने में चाहा था।" रिया ने बिना एक पल गंवाए अपना मुंह खोला और उसके कठोर अंग को अपने अंदर ले लिया। वह स्वाद, वह गर्मी—सब कुछ इतना असली था कि उसकी रीढ़ की हड्डी में एक सिहरन दौड़ गई। उसने अपनी जीभ का इस्तेमाल बिल्कुल वै...