Delivery boy
"इधर आओ, ज़रा पास आओ," कविता की आवाज़ में एक ऐसी खनक थी जो आम तौर पर उसके घर की शांति में नहीं सुनाई देती थी। उसके सामने उसका बेटा, आर्यन, खड़ा था, जो अभी-अभी समोसे की डिलीवरी देकर लौटा था। लेकिन कमरे का नज़ारा देखकर उसके हाथ से बैग छूट गया। कमरे में कविता की तीन सहेलियाँ—मीरा, ज़ोया और रिया—बिना एक भी कपड़े के, मखमली सोफे पर इस तरह फैली हुई थीं जैसे कोई जंगली बिल्ली शिकार का इंतज़ार कर रही हो। उनकी त्वचा पर हल्की पसीने की चमक थी, और उनकी आँखों में एक ऐसी भूख थी जो सिर्फ जिस्मानी थी।
मीरा धीरे से उठी और आर्यन के पास आकर उसके पैंट के जिपर के पास अपनी नाक ले गई। उसने एक गहरी सांस ली, जैसे वह किसी महंगे परफ्यूम की खुशबू ले रही हो। "उफ़, इस पसीने और मेहनत की महक... कितनी मर्दाना है," उसने फुसफुसाते हुए कहा। उसने अपना चेहरा उसके उभार के पास सटाया और उसकी त्वचा की उस तीखी, नम गंध को महसूस किया। वह उस गंध को चूमने लगी, छोटे-छोटे किस्स उस जगह पर दिए जहाँ गर्मी सबसे ज़्यादा थी। आर्यन की सांसें तेज़ हो गईं, उसका शरीर कांपने लगा क्योंकि वह अपनी माँ के सामने इस अजनबी उत्तेजना का सामना कर रहा था।
ज़ोया ने पीछे से आकर आर्यन के कंधे पकड़े और उसे नीचे झुकने पर मजबूर किया। उसने धीरे से उसकी पैंट नीचे खिसकाई, जिससे उसका खड़ा हुआ लंड पूरी तरह बाहर आ गया। ज़ोया की ज़बान बाहर निकली और उसने एक लंबा, गीला चाट (lick) ऊपर से नीचे तक लगाया। वह उसकी रगों को अपनी जीभ से महसूस कर रही थी, हर इंच को चख रही थी। "कितना सख्त है यह," उसने आर्यन के कान में फुसफुसाया, जबकि उसकी जीभ अभी भी उसके ऊपरी हिस्से पर नाच रही थी, उसे पूरी तरह से गीला कर रही थी।
SUMMARY^1: आर्यन डिलीवरी करके घर लौटता है और अपनी माँ की तीन नग्न सहेलियों को देखता है। मीरा उसकी मर्दाना गंध को सूंघती है और उसे उत्तेजित करती है, जबकि ज़ोया उसकी पैंट उतारकर उसके उत्तेजित लिंग को अपनी जीभ से चाटना शुरू करती है।
Suddenly, कविता ने पीछे से एक ठहाका लगाया। "देखो तो ज़रा, मेरा बेटा कितना शर्मा रहा है! पर इसका शरीर तो कुछ और ही कह रहा है।" कविता ने अपनी सहेलियों की तरफ देखा और मुस्कुराई। वह खुद भी इस खेल का हिस्सा बनना चाहती थी। उसने मीरा की तरफ इशारा किया, "मीरा, इसे और तड़पाओ। देखो यह कैसे कांप रहा है।"
आर्यन अब पूरी तरह उनके कब्ज़े में था। वह घबराया हुआ था, लेकिन उसकी वासना अब उसके डर पर हावी हो चुकी थी। मीरा ने दोबारा उसकी खुशबू को महसूस किया और फिर से उसे चूमने लगी, जबकि ज़ोया ने उसे फिर से चाटना शुरू किया। "तुम सबको यह पसंद आ रहा है ना?" रिया ने पूछा, जबकि वह खुद आर्यन के जांघों को सहला रही थी।
"हाँ... उफ़... प्लीज," आर्यन के मुंह से निकला, उसकी आवाज़ पूरी तरह टूट चुकी थी। वह अब सिर्फ एक खिलौना बन चुका था, जिसे ये चार औरतें अपनी मर्ज़ी से इस्तेमाल कर रही थीं। कमरे में अब सिर्फ उनकी भारी सांसों और गीले स्पर्श की आवाज़ें गूंज रही थीं।
मीरा ने अपनी नाक को आर्यन के लंड की जड़ में गहराई से धंसाया। उसने एक लंबी, गहरी सांस ली, जैसे वह उस मर्दाना पसीने और कामुक गंध के नशे में डूब जाना चाहती हो। उसने अपनी आँखों को बंद किया और उस तीखी, नम खुशबू को अपने फेफड़ों में भर लिया। "ये खुशबू... यह किसी नशे से कम नहीं है," उसने बुदबुदाते हुए कहा और अपने होंठों से उस गर्म त्वचा को चूमना शुरू किया। उसने धीरे-धीरे ऊपर की ओर छोटे-छोटे, गीले किस (kisses) दिए, हर बार उसकी जीभ से उस जगह को नम किया जहाँ सबसे ज्यादा गर्मी थी।
ज़ोया ने अब अपनी ज़बान का जादू चलाना शुरू किया। उसने आर्यन के सख्त हिस्से को अपने मुंह में थोड़ा लिया और फिर एक झटके में ऊपर से नीचे तक एक लंबा, चिपचिपा चाट (lick) लगाया। उसकी जीभ की खुरदुरी बनावट आर्यन की रगों के साथ रगड़ खा रही थी। वह सिर्फ चाट नहीं रही थी, बल्कि उसे चख रही थी—उसका स्वाद, उसकी गर्माहट, और उसकी उत्तेजना। उसने दोबारा ऐसा ही किया, इस बार और भी ज़्यादा दबाव के साथ, जिससे आर्यन की कमर अपने आप ऊपर की ओर उठी और उसके मुंह से एक कराह निकली।
Suddenly, रिया ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और आर्यन के अंडकोषों (balls) को अपनी हथेलियों के बीच हल्के से सहलाया। "देखो तो, यह कितना बेबस है," उसने हंसते हुए कहा। कविता ने पास आकर आर्यन के गाल पर एक हल्का थप्पड़ मारा, जो प्यार और अधिकार का मिला-जुला अहसास था। "शर्माना बंद करो आर्यन, अब तुम्हारी बारी है कि तुम हमें बताओ कि तुम्हें कैसा महसूस हो रहा है।"
आर्यन की आंखों के सामने अब सिर्फ मांस का सैलाब था। ज़ोया ने फिर से उसके लंड को अपनी जीभ से सहलाया, और इस बार उसने उसे पूरी तरह से अपने मुंह में लेने की कोशिश की। उसकी जीभ ने ऊपरी हिस्से (head) को चारों तरफ से लपेटा, जिससे आर्यन को ऐसा लगा जैसे वह किसी गर्म ज्वालामुखी में समा रहा हो।
मीरा ने उसके जांघों के बीच अपनी नाक टिकाई रखी और उसकी गंध का आनंद लेती रही, जबकि रिया ने अपने स्तन आर्यन की छाती पर रगड़ने शुरू कर दिए। "कितना गंदा है यह सब... और कितना मज़ेदार," कविता ने फुसफुसाते हुए कहा, जबकि वह खुद अपनी सहेलियों के साथ मिलकर आर्यन के शरीर की हर एक इंच को अपनी वासना की आग में झुलसा रही थी। आर्यन अब पूरी तरह से उनके हवाले था, उसका शरीर उनके स्पर्श की हर लहर के साथ बिजली की तरह कड़क रहा था।
Suddenly, मीरा ने अपना चेहरा पूरी तरह से उसके लंड की जड़ में दबा लिया। उसने एक गहरी, लंबी सांस ली, जैसे वह उसके पसीने और उस मर्दाना गंध के सार को सोख लेना चाहती हो। उसने अपनी जीभ के सिरे से उस नम खाल को सहलाया और फिर धीरे-धीरे ऊपर की ओर गीले, चूसने वाले किस (sucking kisses) देना शुरू किया। उसकी नाक उस सख्त हिस्से के चारों ओर घूम रही थी, उस तीखी और उत्तेजक महक को महसूस करते हुए जो सिर्फ एक जवान और उत्तेजित पुरुष के शरीर से निकलती है। "ये खुशबू मुझे पागल कर रही है," मीरा ने कराहते हुए कहा, और उसने एक बार फिर उस गर्म त्वचा को अपने होंठों के बीच दबाकर चूम लिया।
ज़ोया ने अब अपनी जीभ को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया। उसने आर्यन के लंड के ऊपरी हिस्से (glans) को अपनी जीभ के बीच में लिया और उसे चारों तरफ से लपेटा। उसने एक लंबा, चिपचिपा और गहरा चाट (lick) लगाया, जो ऊपर से शुरू होकर अंडकोषों तक गया। उसकी जीभ की नमी और गर्माहट ने आर्यन के दिमाग को सुन्न कर दिया। ज़ोया ने बार-बार वही क्रिया दोहराई—ऊपर से नीचे, नीचे से ऊपर—हर बार उसकी जीभ की रगड़ आर्यन के शरीर में एक नया करंट पैदा कर रही थी। उसने अपनी जीभ को थोड़ा सख्त किया ताकि आर्यन को उसकी बनावट महसूस हो, जिससे आर्यन की सांसें उखड़ गईं और वह जोर से कराह उठा।
"उफ़! देखो तो यह कैसे तड़प रहा है," रिया ने हंसते हुए कहा और उसने अपनी उंगलियों से आर्यन के लंड की रगों को सहलाया। कविता ने अब अपना हाथ आर्यन की गर्दन के पीछे रखा और उसे अपनी ओर खींचकर उसके कान में फुसफुसाया, "तुम्हें लगता है कि तुम बच जाओगे? अभी तो खेल शुरू हुआ है।"
Suddenly, ज़ोया ने एक झटके में उसके पूरे लंड को अपने मुंह में भर लिया। आर्यन की आंखें फैल गईं और उसने अपनी कमर को एक झटके से ऊपर की ओर धकेला। ज़ोया ने उसे गहराई तक लिया, उसकी जीभ से उसके लंड के ऊपरी हिस्से को रगड़ते हुए, जबकि मीरा उसके अंडकोषों को अपनी जीभ से चाट रही थी। यह एक ऐसा हमला था जिससे आर्यन का पूरा शरीर कांपने लगा।
"बस... और नहीं... मैं... मैं अब और नहीं सह पाऊंगा!" आर्यन चिल्लाया, लेकिन उसकी आवाज़ में दर्द नहीं, बल्कि एक बेइंतहा प्यास थी।
कविता ने अपनी सहेलियों की तरफ देखा और एक शरारती मुस्कान के साथ कहा, "इसे अभी और तड़पाओ। जब तक यह पूरी तरह से हमारी मर्ज़ी के आगे घुटने न टेक दे, तब तक इसे चैन से मत रहने दो।" रिया ने आर्यन के शरीर पर अपनी जीभ का इस्तेमाल करना शुरू किया, उसके पेट और जांघों पर गीले निशान छोड़ते हुए, जबकि ज़ोया और मीरा ने मिलकर उसके लंड को एक साथ चाटना और चूमना शुरू किया, जिससे आर्यन की उत्तेजना अपने चरम शिखर पर पहुँच गई।
Suddenly, मीरा ने अपना चेहरा दोबारा आर्यन के लंड की जड़ में गहराई से धंसा लिया। वह सिर्फ चूम नहीं रही थी, बल्कि वह उस तीखी, मर्दाना पसीने की गंध को अपने अंदर खींच रही थी। उसने अपनी नाक को उस गर्म त्वचा पर रगड़ा, उस नम और कामुक खुशबू को महसूस करते हुए जो केवल एक उत्तेजित शरीर से आती है। उसने धीरे से फुसफुसाया, "यह गंध... यह इतनी कच्ची और असली है कि मेरा रोम-रोम कांप रहा है।" उसने अपने होंठों से उस जगह पर छोटे-छोटे, गीले और गहरे किस (kisses) दिए, जहाँ गर्मी सबसे ज़्यादा थी, और हर किस के साथ उसने उस गंध को चखा, जैसे वह आर्यन की मर्दानगी को अपनी आत्मा में उतार लेना चाहती हो।
ज़ोया ने अब अपनी जीभ को एक धारदार औज़ार की तरह इस्तेमाल किया। उसने आर्यन के लंड के ऊपरी हिस्से (head) को अपनी जीभ के बीच में जकड़ा और एक लंबा, चिपचिपा और गहरा चाट (lick) लगाया। वह उसकी रगों के उतार-चढ़ाव को अपनी जीभ से महसूस कर रही थी। उसने एक और चाट लगाया, इस बार और भी ज़्यादा दबाव के साथ, ऊपर से नीचे तक, जिससे आर्यन की रीढ़ की हड्डी में एक बिजली जैसा झटका लगा। ज़ोया ने उसकी त्वचा की नमी को अपनी जीभ से सोखा और फिर से उसे गीला किया, बार-बार उसे चखते हुए, जैसे वह किसी सबसे महंगे पकवान का स्वाद ले रही हो। आर्यन की सांसें उखड़ चुकी थीं और वह बस एक लंबी कराह के साथ अपनी आँखें बंद कर चुका था।
"देखो तो, यह कितना बेबस हो गया है," कविता ने हँसते हुए कहा। वह खुद भी अब अपनी प्यास रोक नहीं पा रही थी। उसने रिया की तरफ देखा और इशारे से कहा, "रिया, ज़ोया और मीरा को बताओ कि अब खेल को आगे बढ़ाना है।"
Suddenly, रिया ने आर्यन के अंडकोषों (balls) को अपने हाथों में लिया और उन्हें धीरे से दबाया, जबकि ज़ोया ने एक बार फिर से उसके पूरे लंड को अपने गर्म मुंह में भर लिया। आर्यन का शरीर एक धनुष की तरह तन गया। वह अब सिर्फ एक शरीर नहीं था, बल्कि चार औरतों की वासनाओं का एक केंद्र बन गया था। उसकी रगों में दौड़ता खून अब उबाल मार रहा था।
"उफ़... प्लीज... मुझे... मैं अब और नहीं रुक सकता!" आर्यन चिल्लाया, उसकी आवाज़ में एक अजीब सी बेबसी और बेतहाशा प्यास थी।
मीरा ने उसके कान में फुसफुसाया, "अभी तो तुमने सिर्फ स्वाद चखा है आर्यन, असली मज़ा तो अभी बाकी है।" उसने फिर से उसकी जांघों के बीच अपना चेहरा टिकाया और उस नम, मर्दाना खुशबू को एक आखिरी बार गहराई से महसूस करते हुए उसके लंड की जड़ को ज़ोर से चूम लिया। कमरे की हवा अब कामुकता और पसीने की महक से भारी हो चुकी थी, और आर्यन पूरी तरह से उनके जालों में फंस चुका था।
Suddenly, ज़ोया ने अपनी जीभ को एक नए अंदाज़ में इस्तेमाल करना शुरू किया। उसने आर्यन के सख्त हिस्से के चारों तरफ एक गोल चक्कर लगाया, जैसे वह किसी गुप्त नक्शे को अपनी जीभ से पढ़ रही हो। उसने अपनी जीभ के ऊपरी हिस्से को थोड़ा सख्त किया और उसे आर्यन की रगों पर रगड़ा, जिससे एक तीखा, बिजली जैसा अहसास हुआ। वह रुक नहीं रही थी; वह एक लंबी, चिपचिपी लकीर खींचते हुए ऊपर से नीचे तक गई, और फिर एक झटके में वापस ऊपर आई। उसकी जीभ की गर्माहट और नमी ने आर्यन के दिमाग में धमाके कर दिए। वह सिर्फ चाट नहीं रही थी, वह उसे अपनी जीभ से सहलाकर उसे पागल कर रही थी।
रिया ने अब आर्यन के पेट पर अपनी जीभ से गीले निशान बनाना शुरू किए, जबकि कविता ने उसकी गर्दन को अपने दांतों से धीरे से काटा। "देखो तो, यह कैसे तड़प रहा है," कविता की आवाज़ में एक अजीब सी कशिश थी। "क्या तुम्हें महसूस हो रहा है आर्यन, कि तुम्हारी माँ और उसकी सहेलियाँ तुम्हें कैसे अपना खिलौना बना रही हैं?"
Suddenly, मीरा और ज़ोया ने एक साथ हमला बोला। मीरा ने उसके अंडकोषों को अपनी जीभ से सहलाना शुरू किया, जबकि ज़ोया ने उसके पूरे लंड को एक बार फिर अपने गर्म, गीले मुंह में जकड़ लिया। आर्यन की कमर हवा में लहराई और उसने ज़ोर से चिल्लाकर अपनी आँखें बंद कर लीं। वह अब अपनी चेतना खो रहा था; उसे सिर्फ चार जोड़ी हाथों का स्पर्श और गीली जीभों का एहसास हो रहा था।
"उफ़! मैं... मैं अब और नहीं सह पाऊंगा! मैं फटने वाला हूँ!" आर्यन की आवाज़ अब पूरी तरह टूट चुकी थी।
कविता ने मुस्कुराते हुए अपनी सहेलियों की ओर देखा। "इसे अभी और तड़पाओ। इसे महसूस होने दो कि यह कितना बेबस है।" रिया ने आर्यन के सीने पर अपनी उंगलियां फेरीं और उसकी उत्तेजना को और बढ़ाने के लिए उसके जांघों को जोर से दबाया। ज़ोया ने अब और भी गहराई से उसे चूसना शुरू किया, जिससे आर्यन का पूरा शरीर कांपने लगा। वह अब सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि वासना का एक ऐसा पुतला बन गया था जिसे ये चार औरतें अपनी मर्ज़ी से तराश रही थीं।
कमरे में अब सिर्फ भारी सांसों, गीली जीभों के टकराने और आर्यन की बेबस कराहों की आवाज़ गूँज रही थी। चारों औरतें उसकी मर्दानगी का स्वाद ले रही थीं, और आर्यन इस असीम सुख और प्रताड़ना के बीच पूरी तरह से डूब चुका था।
Suddenly, मीरा ने अपना चेहरा एक बार फिर आर्यन के लंड की जड़ में गहराई से धंसा लिया। उसने अपनी नाक को उस गर्म, नम त्वचा पर रगड़ा और एक लंबी, गहरी सांस ली। वह उस कच्चे, मर्दाना पसीने और उत्तेजना की तीखी गंध को अपने फेफड़ों में इस तरह भर रही थी जैसे वह कोई नशीला पदार्थ हो। "उफ़... यह महक... यह मुझे पागल कर रही है," मीरा ने फुसफुसाते हुए कहा। उसने अपनी जीभ के सिरे से उस जगह को सहलाया जहाँ पसीना सबसे ज़्यादा जमा था, और फिर एक गहरा, चूसने वाला किस (sucking kiss) उसकी जड़ पर दिया। वह उस गंध को चखना चाहती थी, उसे अपनी त्वचा पर महसूस करना चाहती थी, जैसे वह आर्यन की पूरी हस्ती को अपनी सांसों में समेट लेना चाहती हो।
ज़ोया ने अब अपनी जीभ को एक खुरदरे और गीले हथियार की तरह इस्तेमाल किया। उसने आर्यन के सख्त हिस्से के ऊपरी सिरे (head) को अपनी जीभ के बीच में जकड़ा और एक लंबा, चिपचिपा चाट (lick) लगाया—ऊपर से नीचे तक, बिल्कुल धीरे और दबाव के साथ। उसकी जीभ की नमी आर्यन की रगों के उतार-चढ़ाव को गहराई से महसूस कर रही थी। उसने अपनी जीभ को थोड़ा सख्त किया और उसे आर्यन की त्वचा पर रगड़ते हुए वापस ऊपर की ओर ले गई। यह केवल एक चाट नहीं था, बल्कि एक तरह का मानसिक हमला था। ज़ोया ने उसके लंड की हर एक नस को अपनी जीभ से चखा, बार-बार उसे गीला किया और फिर उसे चूसकर सूखा किया, जिससे आर्यन के दिमाग में बिजली जैसे झटके चलने लगे।
"देखो तो, यह कैसे कांप रहा है! इसका शरीर जवाब दे रहा है," रिया ने हंसते हुए कहा और अपनी हथेलियों से आर्यन के अंडकोषों को हल्के से दबाया। कविता ने आर्यन के कान के पास अपना चेहरा लाया और उसकी गर्म सांसें महसूस कराते हुए कहा, "क्या तुम्हें अपनी माँ की सहेलियों की ज़ुबान का स्वाद पसंद आ रहा है, आर्यन? बताओ, कितना मज़ा आ रहा है?"
आर्यन अब पूरी तरह से उनके कब्ज़े में था। उसकी कमर अपने आप ऊपर की ओर उठ रही थी, वह ज़ोया के मुंह में और गहराई तक समाना चाहता था। "हाँ... उफ़... बहुत ज़्यादा... प्लीज... ज़ोया... मीरा..." वह बड़बड़ा रहा था, उसकी आवाज़ अब एक धीमी कराह में बदल चुकी थी।
Suddenly, ज़ोया ने अपनी जीभ से एक गोल चक्कर (swirl) उसके ऊपरी हिस्से पर बनाया और फिर एक झटके में उसे अपने गले की गहराई तक खींच लिया। उसी पल मीरा ने उसके अंडकोषों पर अपनी जीभ से छोटे-छोटे, गीले प्रहार करना शुरू किए। यह एक दोहरा हमला था। आर्यन की आंखें पूरी तरह से पलट गईं और उसके मुंह से एक तेज़ चीख निकली, "आह्ह्ह्ह!"
रिया ने अब अपने स्तनों को आर्यन की छाती और पेट पर रगड़ना शुरू किया, जिससे वह पूरी तरह से घिर गया था। कविता ने देखा कि आर्यन अब अपने चरम (peak) पर है। उसने मुस्कुराते हुए कहा, "अभी इसे छूटने मत देना। इसे तड़पने दो, इसे महसूस होने दो कि यह हमारा गुलाम बन चुका है।"
ज़ोया ने उसे एक बार फिर गहराई से चूसना शुरू किया, उसकी जीभ की रगड़ और मुंह की गर्माहट आर्यन को पागल कर रही थी। मीरा ने उसके लंड की जड़ को ज़ोर से चूमते हुए उसकी मर्दाना गंध को एक आखिरी बार गहराई से महसूस किया। आर्यन अब बस एक मशीन की तरह कांप रहा था, उसकी हर नस में वासना का सैलाब दौड़ रहा था, और वह इन चार औरतों के इस कामुक जाल में पूरी तरह से खो चुका था।